
लुडविग विट्गेन्स्टाइन एवं धर्म : एक अध्ययन - Ludwig Wittgenstein and Religion: A Study
Cover
Quantity
लुडविग विट्गेन्स्टाइन एवं धर्म : एक अध्ययन - Ludwig Wittgenstein and Religion: A Study
Cover
Quantity
Product Details
यह पुस्तक लुडविग विट्ङ्गेम्टाइन (Ludwig Wittgenstein) के धार्मिक विश्वासों और धार्मिक भाषा की उनकी विशिष्ट समडर का गहन एवं आलोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करती है। विदङ्गेन्स्टाइन का वर्शन सामान्य धर्ममीमांसा से भिन्न है। वे धर्म को किसी तर्कसंगत प्रमाण या सिद्धांत के रूप में नहीं, बल्कि जीवन रूप (Form of Life। और भाषा-खेल (Language Game) के रूप में देखते हैं। यह पुस्तक इसी केंद्रीय दृष्टि की समालोचना करते हुए यह बताने का प्रयत्न करती है कि धार्मिक विश्वास बुद्धि पर आधारित न होकर मनुष्य के व्यवहार, संस्कृति और अनुभवों में निहित होते हैं।
विगेन्स्टाइन के धार्मिक विश्वास से सम्बन्धित विचारों के लिए कार्ड नेल्सन ने जिस पर का प्रयोग किया वह है 'विट्गेन्स्टाइन फाइडेइस्म'। जिसके अनुसार धार्मिक विश्वास बुद्धि पर नहीं बल्कि आस्था पर आधारित है। हालांकि उनके इस प्रयोग में कहीं कहीं रहस्यवाद की इालक तिखती है।
पुस्तक का पहला भाग विट्गेस्टाइन के Tractatus से लेकर Philosophical Investigations तक के बौद्धिक विकास की पृष्ठभूमि देता है। दूसरा भाग धार्मिक भाषा के बारे में विट्गेन्स्टाइन के तर्कों की आलोचनात्यक व्याख्या करता है। तीसरा भाग विट्रोन्स्टाइन की धार्मिक प्रवृत्तियों की समीक्षा करते हुए यह वशनि का प्रयास करती है कि यद्यपि वे पारंपरिक अर्थ में धार्मिक नहीं थे, फिर भी धर्म के प्रति गहरे सम्मान और संवेदनशीलता रखते थे। अंततः यह पुस्तक इस प्रश्न को केंद्र में रखती है कि धार्मिक विश्वास को समझने का सबसे उपयुक्त तरीका क्या है तर्क, अनुभव, भाषा या जीवन-रूप? यह समकालीन पाठकों के लिए विदुर्गन्स्टाइन को नए प्रकाश में प्रस्तुत करती है।
डॉ. पयोली संप्रति बी. आर. ए. विहार विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग में सहायक प्राध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। वे एल. एम, कॉलेज में स्नातक (गोल्ड मेडलिस्ट) एवं पी.जी. दर्शनशास्त्र विभाग, वाचा साहेच भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (गोल्ड मेडलिस्ट) रही है। वर्तमान में समन्वयक, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन योगिक साईस के रूप में भी अपना योगदान दे रही हैं। साथ ही विश्वविद्यालय के विभिन्न कमेटियों तथा सास्कृतिक समिति, कुलगीत समिति आदि की सदस्या भी हैं। इनके कई लेख अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके है। इसके अतिरिक्त वे शोध भारती (An International Referreed Research Journal) की सम्पादक सलाहकार समिति में शामिल है।
Customer Reviews
No reviews yet. Be the first to review this product!
More Products From Books
View AllDesam Organics Cucumber, Ashwagandha & Witch-Hazel Face & Body Gel
Desam Organics
अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय - Relations in Abhidhamma Philosophy
Motilal Banarasidass
Desam Organics Cucumber, Ashwagandha & Witch-Hazel Face & Body Gel
Desam Organics
अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय - Relations in Abhidhamma Philosophy
Motilal Banarasidass
New Arrivals
View AllDesam Organics Cucumber, Ashwagandha & Witch-Hazel Face & Body Gel
Desam Organics
अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय - Relations in Abhidhamma Philosophy
Motilal Banarasidass
लुडविग विट्गेन्स्टाइन एवं धर्म : एक अध्ययन - Ludwig Wittgenstein and Religion: A Study
Motilal Banarasidass
Desam Organics Cucumber, Ashwagandha & Witch-Hazel Face & Body Gel
Desam Organics
अभिधम्म दर्शन में प्रत्यय - Relations in Abhidhamma Philosophy
Motilal Banarasidass
लुडविग विट्गेन्स्टाइन एवं धर्म : एक अध्ययन - Ludwig Wittgenstein and Religion: A Study
Motilal Banarasidass








